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| जसोल धाम मंदिर में श्रृंगारित माजीसा की प्रतिमा |
जसोल। कोरोना महामारी से बचाव और लॉक डाउन के चलते जिले का सबसे बड़ा जसोल धाम स्थित माता राणी भटियाणी मन्दिर 16 अप्रेल से बंद था। कोई भी श्रद्धालु मन्दिर में पहुंचकर माता के दर्शन नहीं कर पा रहा था। मन्दिर संस्थान की और से मंदिर बंद रहने के दौरान भी पूर्व की भांति मंदिर के मुख्य द्वार पर एलसीडी से व आरती सहित विविध प्रकार के पूजा-अर्चना का वेबसाईट से भक्तों को घर बैठे दर्शन लाभ मिल रहा था, मंदिर में कार्यरत पुजारियों की ओर से माता की पूजा-अर्चना नियमित रूप से की जा रही है। ऐसे में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में धार्मिक स्थल खोलने के निर्णय के बाद मन्दिर ट्रस्ट द्वारा कोविड गाइडलाइंस की पालना के साथ श्रद्धालुओं के लिए जसोल धाम 16 जुलाई 2021 से खुलेगा। श्री राणी भटियाणी मन्दिर संस्थान अध्यक्ष रावल किशनसिंह जसोल ने बताया कि जसोल धाम में स्थित विख्यात माता राणी भटियाणी मन्दिर कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद 16 जुलाई से श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। श्री राणी रूपादे मंदिर पालिया व श्री रावल मल्लीनाथ जी मंदिर, मालाजाल-तिलवाड़ा 12 जुलाई 2021 से खुल चुके हैं, साथ ही मन्दिर में माता के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना की गाइड लाइन का कड़ाई से पालन करना होगा। मन्दिर के भीतर दर्शन को आने वाले सभी श्रद्धालुओं को कोविड 19 की पहली वैक्सीन लगी होनी चाहिए। वहीं, मास्क पहनने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करनी होगी। संस्थान के वाहन पार्किंग में निर्माण कार्य जारी होने की वजह से पार्किंग 31 जुलाई 2021 तक बंद रहेगी।
पहुंचते थे प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु-
पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले के बड़े मंदिरों में शुमार जसोलधाम का माता राणी भटियाणी मन्दिर में प्रतिदिन हजारो श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते थे। लेकिन कोरोना महामारी के बीच फैलते संक्रमण के चलते धार्मिक स्थलों के बन्द के बाद इन दिनों मुख्य सडक़ मार्गों व मंदिर परिसर सहित अन्य स्थानों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा था। मंदिर के कारण ही यहां करीब 100 से अधिक छोटी बड़ी दुकान चलाकर दुकानदार परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। बाजार और दुकाने बंद होने के कारण उन लोगों का भी हाल बेहाल है। अब मन्दिर खुलने के साथ ही खुशी का माहौल बना हुआ है।
