श्रद्धालुओं ने माजीसा के दर्शन पूजन कर मांगी मन्नतें
जसोल। असाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को जसोल माता राणी भटियाणी के दर्शन के लिए देश के कौने-कौने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कारोना गाइडलाइन की पालना के अनुरूप अपनी बारी आने पर श्रद्धालुओं ने माजीसा के दरबार में शीश नवाकर एवं दर्शन पूजन कर क्षेत्र एवं परिवार में खुशहाली की कामनाएं की। त्रयोदशी को दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगी रहीं।
गाजे-बाजे के साथ पहुंचे श्रद्धालु
त्रयोदशी को लेकर माजीसा की प्रतिमा को पंचामृत से स्नानआदि करवाकर नए नवीन वस्त्रों, आभूषणों एवं फूल-मालाओं से श्रंगारित किया गया। जसोलधाम में दूर-दराज से पैदल यात्रियों के जत्थे हाथों में ध्वज पताकाएं लिए ढोल-ढमाकों की ताल पर नाचते हुए माजीसा मंदिर पहुंचे। सुबह से ही जसोल जाने वाले मार्ग पर पैदल यात्रियों की भीड़ देखी गई।
ऑनलाइन दर्शन की भी व्यवस्थाएं
ट्रस्ट मंडल द्वारा श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंस की पालना करवाई गई। बिना मास्क आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नही दिया गया इसके साथ हीं सुरक्षा के माकूल इंतजाम किए गए। वही मंदिर के सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए हजारों श्रद्धालु घर बैठे लाभ उठा रहे है। श्री राणी भटियाणी मन्दिर संस्थान की और से शुरू की गई वेबसाइट के माध्यम से भक्त अब ऑनलाइन दर्शन कर रहे हैं।
नव विवाहित जोड़ों ने छेड़ाबंदी कर लगाई जात
त्रयोदशी के अवसर पर कई नव-विवाहित जोड़ों ने छेड़ा बंदी कर सुखी-दांपत्य जीवन की कामना को लेकर मां के दरबार में जात लगाई। नव-विवाहित जोड़ों ने माजीसा के दरबार में शीश नवाकर पूजा-अर्चना की। छेड़ा बंदी जात देने वालों के लिए सुरक्षाकर्मियों की ओर से अलग से व्यवस्था की गई।


