शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को माजीसा के दर्शन पूजन कर श्रद्धालुओं ने मांगी मन्नतें
जसोल। श्रावण मास शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर शुक्रवार को जसोल धाम स्थित माजीसा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। माजीसा के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। त्रयोदशी पर दूर-दराज से आए पैदल जातरुओं के जत्थे हाथों में ध्वज पताकाएं लिए ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते हुए जसोल धाम पहुंचे। वहीं श्रद्धालुओं की ओर से मां के जयकारे लगाने से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद माता के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ नजर आया। सवेरे से ही मंदिर में दर्शनार्थियों के आवागमन का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिन चढऩे के साथ ही बढ़ता गया। मेले में बालोतरा, पचपदरा, सिवाना, सिणधरी, गुड़ामालाणी, चौहटन, शिव, रामसर, बायतु, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, पाली, नागौर, जालोर, सिरोही सांचौर के अलावा गुजरात महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश मध्यप्रदेश के भी श्रद्धालु मां के दर्शनार्थ जसोल पहुंचे। मन्दिर ट्रस्ट द्वारा कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाने के चलते श्रद्धालुओं ने घंटों प्रतीक्षा के बाद आई बारी पर मां के दरबार में शीश नवा परिवार में खुशहाली की कामना की। मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही से मेले का माहौल नजर आया।
मंगला आरती में उमड़े श्रद्धालु
मंदिर संस्थान की ओर से त्रयोदशी को लेकर माता राणी भटियाणी की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान आदि करवाकर नवीन वस्त्राभूषण से श्रंगारित किया गया। त्रयोदशी को ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के दरवाजे खुलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। मां की मंगल आरती उतार कर, शीश नवा, प्रसाद चढ़ाकर परिवार में खुशहाली की कामनाएं की।
मां के जयकारों से गूंजा मंदिर
त्रयोदशी के मेले में मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की ओर से लगाए जाने वाले जयकारों से माहौल गूंज उठा। जयकारों के चलते पूरे दिन मंदिर का माहौल धर्ममय रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित सवाईसिंहजी, लालसिंह, बायोसा मंदिर में भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। दिनभर श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के चलते मंदिर प्रांगण छोटा नजर रहा था। वहीं माजीसा के दर्शन व आरती सोशल मीडिया के जरिए भी सीध प्रसारण किया जा रहा है।