मानसून सत्र की तैयारी को लेकर कैलाश चौधरी की संसदीय कार्यमंत्री से मुलाकात, किसानों से सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा


Kailash Choudhary

मानसून सत्र की तैयारी को लेकर कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी का संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ किसानों से संबंधित मुद्दों पर मंथन, कृषि राज्यमंत्री ने कहा कि किसानों से संबंधित मुद्दों पर सरकार संसद के अंदर और बाहर चर्चा के लिए हमेशा तैयार

दिल्ली/जयपुर/बाड़मेर-जैसलमेर

19 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र की तैयारी को लेकर गुरुवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ विचार विमर्श किया। बैठक के बाद कैलाश चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार नियमों के तहत सदन में किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए हमेशा तैयार है। इस दौरान सरकार प्राथमिकता के साथ देशहित व जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर गम्भीरता से आगे बढ़ेगी। साथ ही कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि किसानों से संबंधित मुद्दों पर सरकार संसद के अंदर और बाहर चर्चा के लिए तैयार है।



कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प अब मूर्तरूप ले रहा है। कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृषि क्षेत्र ने कोरोना महामारी जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी देश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक योगदान दिया है। कैलाश चौधरी ने कहा कि कृषि का कोई भी नुकसान देश का ही नुकसान होता है, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने अनेक कार्य हाथ में लिए हैं। एक के बाद एक योजनाओं का सृजन व क्रियान्वयन हो रहा है, ताकि छोटे किसानों के लिए खेती लाभप्रद बने। केंद्र सरकार की पारदर्शिता की सोच के अनुरूप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) सहित अन्य योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में जमा कराई जा रही है।

कृषि कानूनों में सुधार के लिए तैयार है केंद्र सरकार : किसानों से विरोध प्रदर्शन खत्म करने व सरकार से बातचीत को लेकर केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि नए कृषि कानून किसानों के जीवन में सुधार लाएंगे। भारत सरकार ने एमएसपी बढ़ाने और एमएसपी पर अधिक खरीद की दिशा में काम किया है। देश का एक बड़ा वर्ग इन कानूनों के समर्थन में खड़ा है। फिर भी अगर किसानों को कानून के किसी प्रावधान से कोई आपत्ति है तो सरकार उनकी बात सुनने, उनसे चर्चा करने और उस पर काम करने को तैयार है। कैलाश चौधरी ने कहा कि किसान संगठन तीनों कृषि कानूनों को रद करने की अनावश्यक जिद पर अड़े हुए हैं जबकि सरकार का कहना है कि वह जरूरत के अनुसार इसमें सुधार करने के लिए तैयार है। केंद्र सरकार ने कई बार आगे बढ़कर यह प्रस्ताव दिया है कि किसान संगठनों को सिर्फ इन कानूनों को रद करने से इतर कानूनी बिंदुओं पर बात करनी चाहिए, तभी बात आगे बढ़ सकती है।

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